Driving Licence कितने दिन में बनता है 2026: ऑनलाइन कैसे बनाएं, Learner Licence से Permanent DL तक पूरी जानकारी

Driving Licence कितने दिन में बनता है 2026: भारत में वाहन चलाने के लिए वैध Driving Licence होना जरूरी है। नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पहले Learner Licence यानी सीखने का लाइसेंस प्राप्त करने से शुरू होती है। Learner Licence मिलने के बाद निर्धारित अवधि पूरी करने पर Permanent Driving Licence के लिए Driving Test देना होता है। परिवहन विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार Learner Licence रखने वाले व्यक्ति को कम से कम 30 दिन बाद Permanent Driving Licence के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने की पात्रता मिलती है।

Driving Licence कितने दिन में बनता है?

Driving Licence बनने में लगने वाला समय राज्य, RTO की प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन, स्लॉट की उपलब्धता और Driving Test पास करने के बाद की विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करता है। इसलिए पूरे भारत के लिए एक निश्चित संख्या में दिन बताना सही नहीं होगा।

पहले Learner Licence बनता है। इसके बाद कम से कम 30 दिन पूरा होने पर Permanent Driving Licence के लिए आवेदन और Driving Test दिया जा सकता है। टेस्ट सफल होने के बाद Driving Licence जारी किया जाता है और कई मामलों में इसे डाक के माध्यम से आवेदक के पते पर भेजा जाता है।

उदाहरण के लिए, कुछ राज्यों में Permanent Driving Licence जारी करने के लिए निर्धारित सरकारी समय-सीमा अलग हो सकती है। पुडुचेरी परिवहन विभाग अपनी सेवा समय-सीमा में Fresh Driving Licence के लिए 7 कार्य दिवस बताता है।

Learner Licence क्या होता है?

Learner Licence को हिंदी में शिक्षार्थी लाइसेंस कहा जाता है। यह नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पहली प्रक्रिया है। Learner Licence मिलने के बाद आवेदक वाहन चलाना सीख सकता है और निर्धारित नियमों के अनुसार आगे Permanent Licence के लिए Driving Test दे सकता है।

Parivahan की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका व्यक्ति गैर-परिवहन वाहन चलाने के लिए Driving Licence के लिए आवेदन कर सकता है। 18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए कुछ विशेष नियम लागू होते हैं, जबकि Transport Vehicle Licence के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष बताई गई है।

Driving Licence कैसे बनाएं?

Driving Licence बनवाने के लिए सबसे पहले Parivahan Sarathi की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Learner Licence के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन प्रक्रिया में राज्य का चयन, व्यक्तिगत जानकारी भरना, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना शामिल हो सकता है।

इसके बाद राज्य के नियमों के अनुसार Learner Licence Test या संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होती है। सफल होने पर Learner Licence जारी किया जाता है।

Learner Licence प्राप्त करने के बाद कम से कम 30 दिन पूरे होने पर Permanent Driving Licence के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद Driving Test के लिए स्लॉट बुक करना होता है।

Permanent Driving Licence के लिए Driving Test

Permanent Licence के लिए आवेदक को RTO द्वारा निर्धारित Driving Test देना होता है। इस टेस्ट में यह देखा जाता है कि आवेदक संबंधित वाहन को सुरक्षित और नियमों के अनुसार चला सकता है या नहीं।

Parivahan की आधिकारिक जानकारी के अनुसार Driving Test के लिए आवेदक को संबंधित श्रेणी का वाहन लेकर उपस्थित होना पड़ सकता है। टेस्ट सफलतापूर्वक पास करने के बाद Driving Licence जारी किया जाता है।

यदि आवेदक Driving Test में सफल नहीं होता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार दोबारा टेस्ट के लिए स्लॉट लिया जा सकता है। राज्य के अनुसार Retest की प्रक्रिया और शुल्क अलग हो सकते हैं।

Driving Licence बनाने के लिए जरूरी दस्तावेज

Driving Licence आवेदन में पहचान और आयु से संबंधित दस्तावेज, पता प्रमाण, फोटो तथा अन्य आवश्यक जानकारी की जरूरत पड़ सकती है। ऑनलाइन आवेदन करते समय कौन-कौन से दस्तावेज अपलोड करने हैं, यह आपके राज्य और आवेदन की श्रेणी के अनुसार निर्धारित होता है।

आवेदन करने से पहले दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि और पता सही होना जरूरी है। गलत जानकारी के कारण आवेदन में देरी या सत्यापन संबंधी समस्या हो सकती है।

Driving Licence Online Apply कैसे करें?

Driving Licence के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए Parivahan Sewa की वेबसाइट पर जाकर Sarathi से संबंधित Driving Licence सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है। पहले अपने राज्य का चयन करें और फिर Learner Licence या Driving Licence से संबंधित उपलब्ध सेवा चुनें।

आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरने के बाद दस्तावेज और शुल्क संबंधी प्रक्रिया पूरी करें। जहां आवश्यक हो वहां Learner Test या Driving Test के लिए स्लॉट बुक करें। Parivahan पोर्टल पर विभिन्न राज्यों के लिए ऑनलाइन परिवहन सेवाएं उपलब्ध हैं।

Driving Licence का Status कैसे चेक करें?

आवेदन जमा करने के बाद आवेदक Parivahan के Sarathi पोर्टल के माध्यम से अपने Driving Licence आवेदन की स्थिति देख सकता है। इसके लिए Application Number या मांगी गई अन्य जानकारी की जरूरत पड़ सकती है।

Driving Licence जारी होने के बाद उसकी डिजिटल कॉपी को DigiLocker या mParivahan जैसे सरकारी डिजिटल माध्यमों में भी उपलब्धता के अनुसार देखा जा सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक FAQ के अनुसार Driving Licence का DigiLocker या mParivahan संस्करण जांच के दौरान मान्य हो सकता है।

Driving Licence बनने में देरी क्यों होती है?

Driving Licence बनने में देरी होने के कई कारण हो सकते हैं। RTO में Driving Test के स्लॉट उपलब्ध न होना, दस्तावेजों का सत्यापन लंबित होना, आवेदन में गलत जानकारी, शुल्क भुगतान की समस्या या विभागीय प्रक्रिया में देरी इसके कारण हो सकते हैं।

यदि आपका आवेदन काफी समय से लंबित है, तो सबसे पहले Parivahan पोर्टल पर Application Status जांचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित RTO से संपर्क करके आवेदन की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।

Final Verdict

Driving Licence 2026 बनवाने की प्रक्रिया Learner Licence से शुरू होती है। Learner Licence मिलने के बाद कम से कम 30 दिन पूरा होने पर Permanent Driving Licence के लिए Driving Test दिया जा सकता है। टेस्ट पास करने के बाद Licence जारी किया जाता है, लेकिन अंतिम रूप से Licence मिलने में लगने वाला समय राज्य और RTO की प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

ऑनलाइन आवेदन के लिए हमेशा Parivahan की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें और आवेदन की जानकारी सही भरें। Learner Licence और Permanent Driving Licence दोनों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित श्रेणी के वाहन को वैध रूप से चलाना चाहिए।

Official Website: Parivahan Sewa

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